सनी लियोनी को लाइव देख पर मुठ मारा
उसका जी चाह रहा था कि अभी जाऊं और शालू को बाहों में भर लूँ लेकिन कोई डर उसे रोक रहा था ‘यह कभी नहीं हो सकता
DESI SEX
Unknown
5/14/20261 min read
शालू अभी-2 नहाई थी पर जब उसने बालों पर लगाने के लिए कन्डिशनर की शीशी उठाई तो वो खत्म थी और कन्डिशनर तो भीगे हुए बालों पर ही लगाया जाता है
इसलिए उसने जल्दी से टॉप और कैपरी पहनी और माँ के बाथरूम की तरफ भागी, उसे इतनी जल्दी थी कि वो ब्रा पहनना भी भूल गई।
वो भागते हुए माँ के बाथरूम की तरफ आई और रास्ते में ज़ोर से आकाश से टकरा गई, उसके स्तन जो आकाश की चौड़ी छाती से बेहद ज़ोर से टकराए थे, दुखने लगे।
‘उई माँ… तुम देखकर नहीं चल सकते क्या?’ वो किसी जंगली बिल्ली के जैसे आकाश पर झपट पड़ी और
उसकी छाती पर अपने नर्म नर्म हाथों से घूंसे बरसाने लग पड़ी।
आकाश उसे रोज़ देखता था पर किसी बच्चे की तरह… लेकिन आज वो उसे एक मर्द की आंखों से देख रहा था… बेदाग, अनछुई चाँद सा गोरा रंग गोल चेहरा.. काली-काली रात सी आंखें… अगर उसके होंठ प्रियंका चोपड़ा की तरह न होते तो उसमें और आयशा टाकिया में फर्क करना नामुमकिन हो जाता।
भीगी हुई टॉप में उसके स्तन साफ नजर आ रहे थे.
‘कितने बड़े हैं… और देखो तो गोल तो ऐसे हैं जैसे भगवान ने इन्हें परकार से नाप लेकर बनाया हो!’ वो खुद से बड़बड़ाया.
‘घूर क्या रहे हो? हटो रास्ते से… मुझे माँ से कन्डिशनर लेना है!’ शालू ने उसे हिलाते हुए कहा।
‘सॉरी, मेरा ध्यान कहीं और था!’ आकाश ने रास्ते से हटते हुए कहा।
उसके अंदर का वासना से भरा हुआ मर्द अपने सामने एक रूपवती कन्या को देखकर जाग गया था… उसका लंड फिर से कड़क हो गया था.
पर न जाने क्यों एक डर उसके मन में आया ‘नहीं… शालू के साथ नहीं… मैं उसके साथ… नहीं… वो तो मेरी…’ पर वो अपने मन में भी वाक्य को पूरा न कर सका उसका सिर भन्ना उठा, उसने अपने हाथ झटके और अपने ठिकाने यानी सीढियों के नीच बिछे उसके बिस्तर की ओर चल पड़ा।
आते ही वो बिस्तर में धप से गिर गया उसके दिमाग में बार-2 शालू की सेक्सी तस्वीर घूम रही थी, उसका जी चाह रहा था कि अभी जाऊं और शालू को बाहों में भर लूँ लेकिन कोई डर उसे रोक रहा था ‘यह कभी नहीं हो सकता… उस जैसी लड़की कभी
मुझ जैसे से प्यार नहीं करेगी… कुछ भी तो नहीं है मेरे पास!’ वो सोच रहा था। वो खुद को बेहद अकेला महसूस कर रहा था, उसे इस समय किसी के प्यार की ज़रूरत किसी औरत के प्यार की!
‘अंजली… भी घर में अकेली है उसके पास जाता हूँ… नहीं, वो तो एक नंबर की रंडी है, अब फिर चूत मारने को बोलेगी!’
उसकी सोच एक जगह ठहर ही नहीं पा रही थी, वो ऐसे ही काफी देर अपने विचारों में उलझा रहा फिर अचानक ही उसके विचार दोबारा शालू पर चले गए और शालू को देखने की चाहत उसमें प्रबल हो उठी।
उसने अपने दिमाग पर ज़ोर डाला और अगले ही पल वो शालू को देख पा रहा था: वो अपने कमरे थी… आख्या उसके पास ही बैठी थी,
दोनों बहनों में से कौन ज्यादा सुंदर है कहना मुश्किल था। पर अजीब बात थी, आकाश ने जब आख्या को देखा वो शालू के गले में हाथ डाले बैठी थी और
उसका वक्ष ज़ोर-2 से ऊपर नीचे हो रहा था पर फिर भी आकाश के मन में उसे लेकर कोई वासना उत्पन्न नहीं हुई, सिर्फ प्यार उमड़ा… वो भी भाई वाला…
पर शालू के लिये उसकी भावना उलझी हुई थी वो उसे छूना भी चाहता था और पाना भी… पर साथ ही साथ शालू को देखते ही उसके मन होता
कि वो उसकी गोद में सिर रख के सोती रहे और वो उसे निहारता रहे जैसे चकोर चाँद को निहारता है।
आख्या- शालू, मैं तुझे कह रही हूँ न कि वो लड़का तेरे लिए ठीक नहीं है।
शालू- तुम उसे जानती ही कितना हो? जो उसे बुरा कह रही हो।
आख्या- रोज़ तो पढ़ाने आता है… वो तुम्हें सारा वक़्त वासना भरी नजरों से देखता रहता है। वो तुम्हें प्यार नहीं करता, बस तुम्हारे इस बदन को पाना चाहता है।
शालू- तुम गलत हो, मुझसे बात मत करो!
आख्या शालू के गाल पर एक किस करती है और उसके चहरे को दोनों हाथों से पकड़ते हुए कहती है- सॉरी शालू अगर तुम्हें बुरा लगा हो… पर मैं सच कहती हूँ, मैंने उसे कई लड़कियों के साथ देखा है।
शालू- मुझे पता है, यह बात तुम मुझे कई बार बता चुकी हो और मैंने भी तो तुम्हें बताया था कि वो लड़कियाँ उसकी दोस्त हैं बस!
आख्या- मैं बस यह चाहती हूँ कि तुम सुरक्षित रहो… मैं तुम्हें प्यार करती हूँ शालू!
शालू- मैं भी!
दोनों बहनें एक दूसरे से लिपट गई।
आकाश का दिल और टूट गया ‘यह तो पहले ही किसी और को प्यार करती है…’ उसने खुद से कहा।
वो पहले ही बेहद उदास था, अब उसे लगने लगा कि सब कुछ उसके लिए खत्म हो चुका है। वो एक झटके से उठा और घर के बाहर निकल गया। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूँ और क्या नहीं।
वो अदृश्य हो गया और पूरी रफ्तार से भागने लग पड़ा, घर, दुकानें, पेड़ पौधे पीछे छूटने लगे। वो इतनी रफ्तार से भाग रहा था कि 30-40 मिनट में ही शहर के 3 चक्कर लगा चुका था।
आखिर वो एक पांच सितारा होटल के सामने रुक गया होटल की चकाचौंध ने उसे रुकने के लिए मजबूर कर दिया था।
उस होटल के सामने काफ़ी भीड़ थी, लोग बड़ी-2 गाड़ियों में वहाँ आ रहे थे और वो भी सजे-धजे, पुलिस की कई गाड़ियाँ भी वहाँ खड़ी थी।
आकाश को समझने में देर नहीं लगी कि कोई बड़ी हस्ती होटल में आई हुई जिसकी सुरक्षा के लिए ही इतनी गाड़ियाँ तैनात की गई हैं।
आकाश अभी सोच ही रहा था कि किससे पूछा जाए कि कौन आया हुआ है, और इसके लिए दृश्यमान किया.
तभी एक 18-20 साल का लड़का उसके पास आया और आकाश के कान के बिल्कुल पास फुसफुसाते हुए बोला- पास चाहिए क्या?
‘पास? वो क्यों?’
‘भाई आज सनिलियोनी को पास से देखना है तो पास तो तुझे लेना ही पड़ेगा… मैं 1000 वाला 2000 में दे रहा हूँ!’
‘अच्छा… मुझे पास नहीं चाहिए!’
‘भाई सिर्फ तेरे लिए 1500 में!’
‘यार नहीं चाहिए!’ आकाश ने उससे कहा क्योंकि उसके पास इतने पैसे थे ही नहीं पर वो सनिलियोनी को देखना भी चाहता था।
उसके दिमाग में एक प्लान आया और वो एक खाली जगह में जाकर फटाफट दोबारा अदृश्य हो गया और होटल में दाखिल हो गया।
आलीशान होटल था, रोशनी इतनी कि आँखें चोंधिया जाएं। सभी लोग जिस तरफ जा रहे थे, आकाश भी उसी तरफ चल पड़ा। एक बड़े से हॉल में खचाखच लोग भरे हुए थे और ऐसी जगह के लिए मारा मारी कर रहे थे जहाँ से वो स्टेज को बिल्कुल पास से देख सकें।
आकाश ने जल्दी ही एक ऐसी ही जगह खोज ली, वो एक सुरक्षा कर्मी के पास जाकर खड़ा हो गया और सनिलियोनी के आने का इंतज़ार करने लगा।
15-20 मिनट के बाद सनिलियोनी आई, उसने काले रंग की चमकदार शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी। उसे वो बेहद सुंदर लगी।
खूबसूरत चेहरा और बेहद आकर्षक कामुकता भरे बदन ने उसको मोह लिया।
उसके उभरे हुए स्तन किसी बुलावे की तरह थे, मोटे-2 और सुडौल… उम्म्ह… अहह… हय… याह… जैसे कि कह रहे हों… आओ और चूम लो इन्हें!
आकाश मंत्रमुग्ध सा सनी को देखता रह गया, वो सुन नहीं रहा था बस देख रहा था, उसकी उभरी हुई गोलमटोल गांड तो चुम्बक की तरह आकाश को अपनी ओर खींच रही थी।
पर तभी एक आदमी ने सनी के पास आकर कुछ कहा और सनी को मोबाइल फोन दिया. सनी ने मोबाईल पर कुछ देखा और उसके चेहरे के हाव-भाव बदल गए जैसे कुछ बेहद बुरा उसने देख लिया हो।
वो माइक पर आई और ‘सॉरी फ्रेंड्स… डयू टू सम रीज़न, आई हैव टू लीव!’ बोल कर जाने लग पड़ी।
भीड़ में हलचल पैदा हो गई, सब उसको एक बार और देखना चाहते थे। इसी का फायदा उठा कर आकाश सन्नी लियोनी के सुरक्षा कर्मियों में मिल गया और उनके पीछे-2 चल पड़ा।
सनी को तीसरे माले पर ले जाया गया जो लगभग बिल्कुल खाली था। आकाश अभी भी उसके सुरक्षा कर्मियों के साथ ही था।
रूम नंबर 307 के आगे जाकर वो रुक गए।
‘मैम यू हैव टू वेट फ़ॉर सम टाइम ऐज़ वी हैव तो चेक द रूम फर्स्ट!’ एक सुरक्षा कर्मी बोला.
‘ओके, डू इट फ़ास्ट!’ सनी ने कहा।
सुरक्षा कर्मियों ने दरवाजा खोला और अंदर चले गए और क्योंकि आकाश अदृश्य था, वो भी उनके साथ अंदर चला गया।
यह रूम क्या था, पूरा एक घर था, वो भी आलीशान… एक बेहद बड़ी लॉबी के दो तरफ दो-2 कमरे थे।
सुरक्षा कर्मी जाँच करके बाहर चले गए पर आकाश अंदर ही रह गया था, उसका दिल तेज़ी से धड़क रहा था यह सोचकर कि वो और सनी अकेले होंगे।
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