पापा ने मौसी की चुत को पूरी रात रगड़ा
पापा ने धीरे धीरे करके अपना लंड गांड में ठेलना शुरू कर दिया.मौसी पूरी ताकत लगा रही थीं कि किसी तरह वो पापा की पकड़ से छूट जाएं
AUNTY SEX
Unknown
3/19/20261 min read
ये कहानी मेरे पापा और मेरी छोटी मौसी यानि मेरी मौसी की चुदाई की है. रात में मैंने यह नजारा दरवाजे की झिरी में से खुद देखा था.
इस HINDI SEX STORIES में मैं आपको अपने पापा की ठरक को लिख रहा हूँ कि कैसे उन्होंने मेरी मौसी यानि अपनी साली की चूत और गांड की सील को तोड़ कर उसका भुर्ता बना दिया और उनको रगड़ दिया.
मेरे पापा बहुत बड़े चोदूमल हैं. खुदा ने उन्हें इस खूबी से नवाजा है कि वो जिसकी चूत चाहें, बजा लेते हैं. कुंवारी (अनचुदी) हो या चुदी हो, पापा का दिल आ गया, तो समझ लीजिए कि उसे चुदना ही है.
उन्होंने मेरे मामू की बीवी, उनके ऑफिस में काम करने वाली औरतों व लड़कियों को मसल मसल कर चोदा है.
वो किस तरह से चुत चुदाई कर देते हैं, मुझे खुद हैरानी होती है.
पापा को कोई भी जरूरी काम क्यों न हो … इस चुदाई के चक्कर में वो सब काम स्थगित कर देते हैं.
अब आप लोग सोच रहे होंगे कि मुझे ये सब कैसे पता है, तो मैं बता दूं कि वो मेरे साथ रूम में मेरे सोने के बाद चुदाई करते थे और बहुत सी बातें ऐसी हैं … जो मैं आप सबको फिर कभी बताऊंगा.
हुआ कुछ यूं कि गांव में पापा के दोस्त नितिन की बीवी की तबियत खराब हो गयी.
आंटी को वहीं लोकल में दिखाने का नतीजा ये हुआ कि उनकी तबियत सीरियस हो गयी.
उनको लेकर पापा लखनऊ आए और मेदांता लखनऊ में एडमिट करवा दिया.
अंकल का एक घर लखनऊ में भी है.
चाची के एडमिट हो जाने और तबियत में कुछ सुधार होने पर 3 लोगों को देख-रेख करने के लिए छोड़ कर रात के करीब बारह बजे पापा और उनके फ्रेंड नितिन अंकल घर आ गए.
अस्पताल में किसी को रुकने की परमीशन नहीं थी.
हम सभी लोग घर में आ गए.
इधर मेरी मौसी और मैं पापा और चाचा के आने का इन्तजार कर रहे थे.
मैं आप लोगों को बता दूं कि मेरी मौसी ने अपने पति को छोड़ दिया है क्योंकि वो कुछ करते नहीं थे.
दूसरी बात ये थी कि उनके पति को लगता था कि उनकी बेगम के कुँए में मेरे पापा के नल का पानी जा रहा है.
चूंकि मौसी शुरू से ही हम लोगों के साथ हैं तो शक़ होना भी लाजमी था.
फिर मौसी का फिगर बहुत हॉट है, एकदम फिट बॉडी है. उनके चूचों का साइज 34-सी, कमर 30 और गांड 36 की होगी.
मौसी की चूत कम चुदने की वजह से काफी टाइट है.
मौसी की चूत मेरे पापा ही चोदते हैं.
जब भी घर में उन्हें कोई दूसरी चूत नहीं नहीं मिलती तो वो मौसी की चुत चुदाई कर लेते थे.
मां के रहने पर वो किसी को भी घर में नहीं बजाते थे. किसी बहाने से उसे कहीं ले जाते थे और बजा देते थे.
ये सब मैं इसलिए जानता हूँ कि जब कभी मैं और बड़ी बाजी घर पर होते हैं तो पापा मुझे किसी काम से बाहर भेज देते थे और मुझसे धीरे से आकर बोल देते थे कि जब मैं फ़ोन करूं, तब वापस आना.
मैं समझ जाता था कि ये इसलिए ऐसा कह रहे हैं कि टेंशन फ्री होकर चुदाई करें.
मेरी बड़ी बाजी भी बहुत बड़ी चुदक्कड़ हैं.
मुझे तो पता था कि अगर पापा आएंगे तो मौसी की चुदाई लाइव देखने को मिलेगी.
पापा देर से आए और लास्ट वाले कमरे में जाकर सो गए.
मैं आगे वाले रूम में था.
उनके दोस्त नितिन ऊपर वाले रूम सोने चले गए.
पापा के आते ही मौसी उनके रूम में जाकर पापा के पैरों की मालिश करने लगीं.
मालिश के बाद सिरहाने तेल रखा और वहीं लेट गईं.
आधे घंटे बाद मौसी की पायलों के खनकने की आवाज आने लगी.
ये आवाज धीरे धीरे तेज़ हो गयी और सहमी हुई सी चीख़ ‘आआआह आह …’ आई, तो मेरे कान खड़े हो गए.
मैं उठा और दरवाजे के पास खड़े होकर अन्दर देखने लगा. लेकिन अंधरे की वजह से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था.
फिर कुछ देर बाद आंखों के अँधेरे में देखने में अभ्यस्त हो जाने से सिनेमा दिखने लगा.
अन्दर से मौसी की मादक आवाज बदस्तूर आ रही थी- आ ओ ऊऊ ई ई धीरे आ आ ईईईई उफ उ दर्द हो रहा धीरे से कीजिए.
अब पापा को अपनी गाड़ी फुल स्पीड पर चलानी थी तो वो कहां रुकने वाले थे.
उन्होंने फुल स्पीड से चुदाई करना शुरू कर दी.
इधर मौसी की जान निकल रही थी; उनकी चूत में पापा का लंड सटासट जा रहा था.
थोड़ी देर बाद मौसी को मजा आने लगा और वो मज़ा लेने लगीं- आह जीजू … फाड़ दो … मेरी चूत भोसड़ा बना दो … आ ऊऊ ईईईई आई आई ऊफ!
इसी तरह की सीत्कारें भरती हुई मौसी डिस्चार्ज हो गईं और बोलीं- आह जीजू, मेरा हो गया … अब जल्दी से आप भी डिस्चार्ज हो जाएं. आज बहुत समय बाद चुद रही हूँ तो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.
पापा ने लंड पेलते हुए बोला- चुप रंडी छिनाल … तेरी मां का भोसड़ा मादरचोदी … आज तुमको नितिन भी पेलेगा … आह तुम्हारी मां का चोदूं … साली तुम बहुत बोलती हो … आज तुम रात भर चुदोगी.
मौसी ये सुनकर फिर से गर्म होने लगीं और बोलने लगीं- जीजू चोदो, मैं आपकी रंडी हूँ … जिससे मन करे, चुदवा दो मेरी चूत को … फाड़ दो बहुत मज़ा आ रहा है. आह जीजू चोदो मुझे … आई उईई आया अम्मी ऊऊ.
पापा बोले- आज तुमको रात भर चोदूंगा. तुम्हारी चूत को ढीला कर दूंगा मादरचोद. अभी चुत चाटने दे कुतिया.
इसके बाद उन्होंने चूत से लंड निकाला और चूत को चाटने लगे.
मौसी जोर जोर से सिसकारियां लेने लगीं- आह उई उईई उआ उफ अम्मी आह और चूसो और जोर से चूसो … आह खा जाओ मेरी बुर को मेरे राजा … बहुत दिन से प्यासी थी. आज उतार दो इसकी सारी गर्मी … आह.
पापा मौसी की चुचियों को ज़ोर ज़ोर से दबा रहे थे, जिस कारण उनकी चुचियों में दर्द हो रहा था.
मौसी बोल रही थीं- आह धीरे दबाओ यार … दर्द हो रहा है.
पापा बोले- इसी लिए जोर से दबा रहा हूँ … जिससे तुझे दर्द हो मेरी रानी. आज तो बहुत कुछ हो गया, तुम भी इस मीठे दर्द का मज़ा लो.
मौसी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगीं.
वो दोनों चुदाई में इतना खो गए कि भूल गए कि बगल के कमरे में मैं भी हूँ और ऊपर नितिन चचा भी हैं.
थोड़ी देर बाद पापा अपना लंड मौसी के मुँह में डालने लगे, तो वो मना करने लगीं.
मौसी- उन्ह … मुँह में मत पेलो … मुझे पसंद नहीं है.
पापा गुस्से से बोले- चूस ले मादरचोदी … वरना तेरी गांड फाड़ दूंगा, चूस मां की लौड़ी … साली नखरे दिखाएगी तो गांड से हाथ धोएगी.
ये कहते हुए पापा ने मौसी के मुँह में एक ही झटके में अपना पूरा लंड डाल दिया और मौसी का सर पकड़ कर जोर जोर से झटका देने लगे.
मौसी के मुँह से तेज़ी से ‘गु ग गुन्ह गू … की आवाज आने लगी.
दस मिनट तक ये चला, उसके बाद पापा ने लंड चूत पर रखा और एक ही झटके में पूरा अन्दर कर दिया.
मौसी जोर से चीख पड़ीं- उईई ईईई अम्मी ऊऊऊ उफ्फ आ आह मर गई!
अब पापा का 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लौड़ा एक ही झटके में चुत के अन्दर जाएगा तो दर्द तो होगा ही.
इस तरह पापा ने आधे घंटे तक मौसी को ज़ोर ज़ोर से पेला और अन्दर ही अपना माल गिरा दिया.
झड़ने के बाद पापा लेट गए और उस रात में एक बार चुदाई का राउंड और चला. इस बार तो पापा ने पॉवर बढ़ाने वाली दवाई भी ली थी.
दो बार चुत चोदने के बाद पापा ने मौसी से बोला कि सरसों का तेल ले आओ और मेरे लंड की मालिश कर दो.
उसके बाद पापा ने मौसी को घोड़ी बनाया और पेट के नीचे तकिया लगा दिया. लंड पर तेल लगा कर पापा ने मौसी की गांड में तेल लगाना शुरू किया.
मौसी बोलीं- जीजू, मैं गांड नहीं मरवाऊंगी. इसमें अभी तक एक उंगली भी नहीं गई है.
पापा चूत में भी तेल लगाते हुए बोले- बेफिक्र रहो … मैं तेरी गांड नहीं मारूंगा.
पापा ने मौसी की चूत में लंड रख कर दबा दिया और हाथों से मौसी की दोनों चुचियों को थाम लिया.
लंड चुत में घुसता चला गया और पापा मौसी के मम्मे दबाने लगे. उनका लंड सटासट अन्दर बाहर होने लगा. चुदाई की स्पीड बढ़ने लगी.
मौसी की सिसकारियां तेज़ होने लगीं- अईई ईई ऊन्ह!
अचानक से पापा ने एक उंगली मौसी की गांड में डाल दी. मौसी चिहुंक उठीं और कसमसा कर रह गईं.
अब पापा मौसी की गांड में उंगली को अन्दर बाहर करने लगे और लंड के लिए जगह बनाने लगे.
मौसी की चुदाई फुल स्पीड पर चल रही थी.
पापा मौसी की गांड पर ज़ोर ज़ोर से चमाट मारे जा रहे थे, जिससे मौसी जोर जोर से आवाज करने लगीं.
मौसी- आंह दर्द हो रहा है यार … मत मारो.
तभी पापा ने जल्दी से अपना लंड मौसी की चूत से बाहर निकाला और गांड पर रख कर हिलाने लगे.
वो इस वक्त अपने लंड पर तेल लगा रहे थे, जिससे तेल गांड पर भी लगता जा रहा था.
मौसी को लगा कि तेल लगा कर फिर से चुत में लंड डालेंगे तो मौसी ने बेफिक्र होकर अपनी गांड को ढीला छोड़ दिया.
पापा की नजरें गांड पर ही टिकी थीं.
गांड ने ढीली होकर मुँह खोला ही था कि पापा ने लंड का सुपारा मौसी की गांड के छेद में जोर से दबा दिया.
चिकने लंड ने मौसी की गांड में प्रवेश कर लिया.
मौसी ज़ोर से चीखीं- उई अम्मी … बचाओ मैं मर गई.
उनको पापा ने ज़ोर से पकड़ लिया, जिससे वो हिल भी नहीं पा रही थीं.
पापा ने धीरे धीरे करके अपना लंड गांड में ठेलना शुरू कर दिया.
तेल की अधिकता की वजह से लंड गांड में घुसता चला गया.
मौसी पूरी ताकत लगा रही थीं कि किसी तरह वो पापा की पकड़ से छूट जाएं पर पापा पुराने सीलतोड़ खिलाड़ी रहे हैं, तो मौसी कहां बच सकती थीं.
कुछ मिनट बाद पापा कमर ऊपर नीचे करने लगे और धीरे धीरे तेज़ होते गए.
उनका 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड मौसी की गांड में घुस गया.
किसी सील पैक छेद में पापा का हब्शी लंड लेना बच्चों का खेल नहीं है … लेकिन दर्द में जो मज़ा आता है, वो अब मौसी को अब तक नहीं मिला था.
मौसी लाज शर्म छोड़ कर ज़ोर से चीखने लगीं- दर्द हो रहा है, जाने दो … प्लीज जीजू निकाल लो … आह मादरचोद जाकर अपनी बहन की गांड मार ले भोसड़ी के … मुझे छोड़ दे.
पर पापा का लंड तो शताब्दी ट्रेन की स्पीड में दौड़ रहा था, स्टेशन से पहले गाड़ी कहां रुकने वाली थी.
थोड़ी देर बाद मौसी की गांड फ़ैल गई और उनको भी गांड मराने में मज़ा आने लगा.
वो पापा का साथ देने लगीं और गांड को पीछे धकेल कर मज़ा लेने लगीं.
गांड मराने के दर्द में जो मज़ा आता है, वो मौसी को मिलने लगा.
काफी देर बाद अलग अलग पोजीशन में पेलने के बाद मौसी की गांड में पापा के लंड का माल टपक गया.
लंड झाड़ कर पापा मौसी के बगल में लेट गए.
पापा बोले- मज़ा आ गया मेरी रानी, बहुत दिन बाद ऐसी कसी हुई गांड मारने को मिली.
इधर बाहर से जीजा साली सेक्सी चुदाई देख कर मेरा लंड चूत ढूँढ रहा था पर छेद मिलने वाला नहीं था तो हाथ से ही लंड हिला कर शांत कर लिया.
उसके बाद बिस्तर पर आ गिरा.
मेरी आंख कब लग गई, कुछ पता ही नहीं चला.
सुबह जब मैं उठा तो देखा कि मौसी की चाल बदल गयी थी, वो लंगड़ा कर चल रही थीं, अपनी गांड उठा कर चल रही थीं.
मैंने पूछा- क्या हुआ मौसी … क्यों लंगड़ा रही हो.
मौसी बोलीं- पैर में चोट लग गयी.
मैं हंसने लगा, तो वो बोलीं- क्या हुआ … हंस क्यों रहा है.
मैं बोला- चोट रात को लगी थी ना … मुझे आपके चीखने की आवाज आ रही थी.
ये सुनते ही उनके चेहरे का रंग बदल गया. वो कुछ नहीं बोलीं, बस उस रूम से बाहर चली गईं.
जब मैं पापा, नितिन चाचू को ऊपर चाय देने गया, तो वो लोग रात के बारे में बात कर रहे थे.
मेरे पहुंचते ही वो दोनों चुप हो गए और जैसे में रूम से बाहर निकला, उनकी बातें फिर से शुरू हो गईं.
मैं वहीं खड़ा होकर उनकी बातें सुनने लगा.
नितिन चाचू बोले- यार, रात को मैं सो नहीं पाया.
पापा ने पूछा- क्यों क्या हुआ?
चाचू बोले- कल रात में तुम पूरा तहलका मचाए पड़े थे. तुम्हारी साली इतना ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, जैसे पहली बार चुद रही हो. मेरा लंड खड़ा हो गया और सोने के नाम ही नहीं ले रहा था. मेरा मन कर रहा था कि तेरे पास आकर मैं साली की चूत फाड़ दूं. पर सोचा कि तुम क्या सोचोगे.
पापा बोले- कोई बात नहीं… आज रात में फाड़ देना. मादरचोदी की चूत बड़ी मस्त है. उसे आज काफी दिनों बाद पेला है. साली काफी दिनों से नहीं चुदी थी. सच में उसे चोद कर मज़ा आ गया. कल रात में ही मैंने उसकी गांड की सील को भी तोड़ा है. आज रात में साली को मिलकर बजाएंगे.
लेकिन उनकी किस्मत ठीक नहीं थी, वो लोग रात में घर ही नहीं आ पाए क्योंकि नितिन चाचू की बेगम की तबियत फिर से ज्यादा खराब हो गई थी और वो लोग चाची को लेकर दिल्ली दिखाने चले गए.
इसलिए मौसी की चुदाई हो नहीं पाई लेकिन बीती रात जितनी भी हुई.. तहलका मचा गई
(यह कहानी काल्पनिक है और केवल मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है।)
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