नफीशा की चूत को चोद-चोद कर भोसड़ा बना दिया
इनका लड़का एक दिन मुझे सिखा रहा था चुदाई कैसे करें.. तब मैनें उससे कहा था मजदूर को खोदना और बाप को चोदना मत सिखा.. आज उसी की मां को रंडी की तरह चोद रहा था..
DESI SEXGIRL SEX
Unknown
4/13/20261 min read
हैलो दोस्तों जैसा आप जानते हो मैं अपने दोस्त आलम की अम्मी रूबिका को चोदता हूं.आज की hindi sex story मेरी और रूबिका अंटी की चुदाई की एक और सच्चाई पेश है.
मैं बहुत दिनों से अंटी चुदाई की करने नहीं जा सका था.
मेरे घर में काफी काम था, तो मुझे अंटी को चोदने जाने का समय नहीं मिल पाया था.अंटी के कई फ़ोन आ चुके थे, उनकी चुत गांड की बेकरारी बढ़ती ही जा रही थी.फिर एक दिन मैं दोपहर में रूबिका अंटी के घर गया तो वो घर में अकेली थीं.
मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और उनके बड़े-बड़े चूचे दबाने लगा.मेरा लंड उनकी गांड में रगड़ रहा था.पहले तो वो एकदम से चौंक गईं … फिर मुझे पाते ही मस्त हो गईं.अंटी एकदम से गर्म भी हो गई थीं.मैंने लंड रगड़ते हुए पूछा- घर में कोई नहीं है क्या? उन्होंने अपनी गांड मेरे लंड पर रगड़ते हुए कहा- हां अमित, मैं अकेली हूं और बहुत प्यासी भी हूँ. कबसे तुझे बुला रही हूँ.
ये सुनते ही मैंने अंटी की सलवार का नाड़ा खोल दिया. सलवार नीचे सरक कर गिर गई और उनकी मस्त गांड सिर्फ एक छोटी सी थौंग चड्डी में नंगी हो गई. अंटी के दोनों चूतड़ नंगे हो गए थे. मैं एक हाथ एक चूतड़ को पकड़कर दबाने लगा. दूसरे हाथ से रूबिका अंटी की चूचियों दबाने लगा.मजा बढ़ने लगा तो मैंने उनकी कुर्ती में हाथ घुसा दिया.उन्होंने अपने मम्मों पर ब्रा नहीं पहनी हुई थी जिससे मेरा हाथ सीधे उनकी चूचियों से जा लड़ा.
अंटी की बड़ी-बड़ी चूचियां मेरे हाथ में नहीं आ रही थीं.
अंटी ने फुफुसाते हुए कहा- कुर्ती उतार दो.मैंने उनकी कुर्ती को पीछे से खोल दिया और उनकी नंगी पीठ पर हाथ फेरने लगा.अब वो जोश में आ गईं और मेरे कपड़े उतारने लगीं. जल्दी ही अंटी ने मुझे नंगा कर दिया और मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगीं.आधी खुली कुर्ती में उनकी पहाड़ जैसी चूचियां मेरे सामने नंगी हिल रही थीं.मैंने धीरे से उनकी कुर्ती को उतार दिया और चूचियों को मसलने लगा.वो मस्त होने लगीं और गपगप गपगप करके लंड को अन्दर बाहर करके चूस रही थीं.
हम दोनों भूल गए थे कि हम हॉल में हैं. हालांकि दरवाजे बंद थे.मैंने रूबिका अंटी के मुंह से लंड निकाल लिया और उन्हें कालीन पर नीचे लिटा दिया; फिर उनकी संगमरमर सी चिकनी टांगों में फंसी पैन्टी खींच कर उतार दी.अंटी की मस्त चुत उनकी दोनों टांगों के बीच में खिलखिला रही थी.मैंने उनकी दोनों टांगों को पकड़ चौड़ा करते हुए फैला दिया और उनकी चूत में उंगली अन्दर तक घुसा दी.‘उईई ईई मर गईईई …’
मैंने उंगली चुत में अन्दर बाहर करते हुए कहा- कंडोम कहां है?
वो बोलीं- आह मेरे सरताज … कंडोम नहीं … मुझे ऐसे ही चोदो.मैंने लंड पर थूक लगाया और चूत में घुसा दिया.
वो ‘आहह अहह आह …’ करने लगीं.मैंने अपने लंड की रफ्तार तेज कर दी और लौड़े को अन्दर-बाहर करने लगा.दस बारह धक्कों के बाद अंटी भी मस्त हो गईं और सीत्कारने लगीं- आहह आह और तेज़ चोदो … आहह और तेज … फ़ाड़ दे मेरी … आह!
मैं अपनी रफ़्तार को काफी तेज करके चुत के अन्दर लंड पेलने लगा था, साथ ही रूबिका अंटी की चूचियों को मसलने लगा था.
कुछ ही देर की चुदाई में अंटी की चूचियां टाइट होने लगी थीं. इनका लड़का एक दिन मुझे सिखा रहा था चुदाई कैसे करें.. तब मैनें उससे कहा था मजदूर को खोदना और बाप को चोदना मत सिखा.. आज उसी की मां को रंडी की तरह चोद रहा था
फिर मैंने लंड चुत से निकाला और रूबिका अंटी को सोफे पर घोड़ी बनाते हुए झुका दिया.अंटी की गांड लंड के लिए लगातार हिल रही थी.मैंने पीछे से उनकी चूत में लंड घुसा दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा.मैं अंटी के ऊपर पूरा चढ़ गया था और अपने दोनों हाथ नीचे करके उनकी पपीते जैसी चूचियों को मसलने लगा.मेरा लंड झटके पर झटके लगाने लगा.तभी दरवाजे पर दस्तक हुई. मैंने कुछ सुना ही नहीं बस अपने झटकों की रफ्तार बढ़ाते हुए अंटी को गपागप गपागप चोदता रहा.तभी बाहर से आवाज आई- अम्मी अम्मी … दरवाजा खोलो!
हम दोनों की सांसें रूक गईं और सोचने लगे कि आज तो फंस गए.मैंने जल्दी से हम दोनों के कपड़े उठाए और रूबिका के रूम में आ गया.रूबिका ने पास रखा गाउन पहन लिया और दरवाजा खोलने चली गईं.आलम अन्दर आया और पूछने लगा- अम्मी इतनी देर क्यों लगी … आप क्या कर रही थीं और इतना पसीना क्यों आ रहा है! रूबिका ने बात पलटते हुए कहा कि मैं अपने रूम की सफाई कर रही थी और पंखा बंद था.
आलम कुछ नहीं बोला.तो रूबिका अंटी ने आलम को बोला- कुछ खा लो … तेरे लिए कुछ खाने को लाऊं!आलम बोला- मैं थक गया हूं अम्मी … अपने रूम में कुछ देर आराम करूंगा, फिर बाद में खा लूंगा. रूबिका अंटी आलम के रूम में जाने के थोड़ी देर बाद जैसे ही कमरे में आईं, मैंने पीछे से उन्हें पकड़ लिया और उनका गाउन उतार दिया.मैंने लंड रगड़ते हुए पूछा- आलम क्या बोल रहा था.वो बोली कि कुछ नहीं … वो कमरे में चला गया है.
मैंने अंटी को घुटनों के बल बैठाया और उनके मुंह में लंड डाल दिया.वो गपागप गपागप लंड चूसने लगीं और मैं उनके मम्मों को मसलने लगा.बगल वाले कमरो में वो रंडी की औलाद आलम बिस्तर गरम कर रहा था और उसी के बगल में, मैं उस रंडी यानी उसकी मां को गरम कर रहा था.. साली कुछ भी कहो.. थी बड़ी मस्त.. लंड देख कर एक दम चुदने को तैयार.. जैसे हड्डी देख कर कुत्ता पुंछ हिलाने लगता है.. ये मां की लोड़ी मेरा लंड देख के अपनी गांड हीलाने लगती हा.
अंटी ने जल्दी ही लंड को तैयार कर दिया और बिस्तर पर घोड़ी बन गईं.मैंने लंड को चूत में घुसा दिया और उनकी कमर पकड़कर चोदने लगा.वो उम्मह ओह आहह आआह करके मस्ती से लंड लेने लगीं.जल्दी ही मैं अपनी रफ़्तार पर आ गया और ताबड़तोड़ लंड अन्दर बाहर करने लगा.अब रूबिका अंटी की गांड भी तेज़ी से आगे पीछे होने लगी थी और वो बिंदास लंड चुत में लेने लगी थीं.कमरे में थप थप थप की सेक्सी आवाज बढ़ती जा रही थी.कुछ दस मिनट की चुत चुदाई के बाद रूबिका अंटी की चूत ने पानी छोड़ दिया.चुत की मलाई से लंड गीला हो गया.
मैंने चुत से लंड निकाल लिया और रूबिका अंटी की गांड में रगड़ना शुरू कर दिया.अंटी ने समझ लिया और गांड का छेद खोल दिया.मैंने उनकी कमर पकड़कर जोर का धक्का लगाया तो लंड गांड के अन्दर चला गया. एक बार में पट से गांड शॉट.‘ऊईई ऊईई मर गई … एकदम से पेल दिया.’
अंटी आवाज करने लगीं तो मैंने कहा- धीरे बोलो … आलम सुन लेगा.
ये सुनते ही अंटी ने अपनी आवाज को बंद कर दिया और मैंने लंड को अन्दर बाहर करना चालू कर दिया.मेरा लंड अंटी की गांड में सटासट अन्दर बाहर चलने लगा.अब रूबिका अंटी भी अपनी गांड तेज़ तेज़ आगे पीछे करने लगी थीं.उनकी दबी सी आवाज कमरे में आ रही थी- आह आह अमित और तेज़ तेज़ अन्दर तक जाने दो … और अन्दर आहह!मैंने अपने लंड को चौथे गियर में डाल दिया और गपागप गपागप गांड मारने लगा.
चुदाई की मस्ती में जल्दी ही हम दोनों फिर से भूल गए थे कि घर में आलम भी है. सिसकारियां तेज स्वर में निकलने लगीं- आहहह रूबिका मेरी जान … आई लव यू …मेरे मालिक मेरे सरताज आह. आह रूबिका आई लव यू टू.’‘मुझे हमेशा ऐसे ही चोदोगे … ऐसे ही प्यार करना …’
मैंने कहा- हां मेरी जान … कितना मस्त चुदवाती हो.अब मैं तेजी से लंड को अन्दर-बाहर करने में लगा था.हम दोनों ही पसीने से लथपथ हो गए थे और उसी पल मेरे लंड ने वीर्य छोड़ दिया.हम दोनों चिपक कर लेट गए.थोड़ी देर बाद रूबिका ने गाउन पहन लिया और आलम के कमरे में गई.रूबिका अंटी अन्दर का नजारा देख कर बहुत खुश थीं क्योंकि आलम सो रहा था.अंटी ने वापस आकर अपना गाउन उतार दिया और मेरे लंड को पकड़ लिया.
मैं उनके बूब्स सहलाने लगा, वो लंड को अपने हाथों में लेकर मसलने लगीं.अंटी ने लंड को चूसना शुरू कर दिया और लॉलीपॉप के जैसे गपागप गपागप चूसने लगीं.
मैं भी जोश में आकर अंटी के मुंह में लंड के झटके लगाने लगा.फिर मैंने रूबिका अंटी को बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी दोनों टांगों को अपने हाथों में लेकर चूत में लंड घुसा दिया..अंटी की टांगों को हवा में करके मैं उन्हें मस्ती से चोदने लगा.वो ‘आहह उमहह आहह …’ की सेक्सी आवाज करके मेरा जोश बढ़ा रही थीं.
मैंने एक टांग को अपने कंधे पर रख दिया और उनकी क़मर पकड़कर चोदने लगा. इतने जोर दार झटके थे की अदर कोई 16,17 साल की लड़की होती तो पक्का मर जाती.. और जवान लड़की जो पहली बार चुदती वो पक्का मेरा लंड अपने नाम करवा लेती..
मैं भी झटके पर झटके लगाने लगा.हम दोनों काफी गर्म हो गए थे और एक-दूसरे को चुदाई का मज़ा दे रहे थे.कुछ देर बाद मैं नीचे लेट गया और रूबिका अंटी मेरे लंड पर बैठ गईं.उन्होंने लंड पकड़ कर चुत में सैट किया और बैठने लगीं.मैंने नीचे से गांड उठा दी, तो मेरा लंड सट्ट से अन्दर घुसता चला गया.
अब रूबिका अंटी मेरे लंड पर उछल उछल कर चुदाई का मज़ा लेने लगी थीं.
ऐसा लग रहा था … जैसे अंटी मुझे चोद रही हों.
रूबिका अंटी की चूत में लंड अन्दर तक जाने लगा और वो मस्ती से लंड पर उछल उछल कर गांड पटकने लगीं.इस समय दोनों तरफ से बराबर झटके लग रहे थे और दोनों एक-दूसरे को चोद रहे थे.दस मिनट बाद रूबिका अंटी की चूत ने एक बार फिर से पानी छोड़ दिया और गीला लंड फच्च फच्च करके अन्दर बच्चेदानी तक टक्कर मारने लगा.
मैंने रूबिका अंटी को उठने का इशारा किया.वो लंड से हटीं और बिस्तर पर औंधी लेट गईं.मैंने उनकी कमर के नीचे दो तकिए लगा दिया.रूबिका की गांड ऊपर आ गई तो मैंने टांगें फैला कर झटके से लंड गांड में घुसा दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा. मां कसम इसमें जो मजा है ना कहीं नहीं.. ऐसे चोदा करो आप भी.. और तुम लड़कियों ऐसे चुदा जरूर करो.. जो मजा आएगा पागल हो जाओगी.. जरूरत पड़े तो hindisexxxkahani.com की मेल पर बता देना मैं आकर चोद जाऊंगा..
रूबिका को मजा आने लगा और वो ‘आह आह आहह और चोदो चोदो मुझे मेरे आका … और फ़ाड़ दो अपनी रूबिका की गांड …’ चिल्लाने लगीं.मैं अपनी पूरी रफ्तार से उनकी गांड में लंड अन्दर-बाहर करने लगा.वो भी मस्ती से अपनी गांड में आहह आहहह आहहह करके लंड ले रही थीं.आज रूबिका अंटी की गांड में अलग ही मजा आ रहा था; मैं लंड को अन्दर तक पेल रहा था.
तभी शायद आलम जाग गया था उसकी आहट मिल रही थी. लेकिन अब मैं रूकने वाला नहीं था.मैंने अपने लंड की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा. अब रूबिका अंटी की गांड की खुजली कुछ कम हो गई थी.वो बोलीं- अमित जल्दी करो … शायद आलम जाग गया है.मैंने लंड को बाहर निकाल लिया और झटके से घुसा दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा.
आलम रूम से बाहर आ गया और अम्मी अम्मी चिल्लाने लगा.मैंने झटकों की रफ्तार और बढ़ा दी और तेज़ी से चोदने लगा.मेरे लंड ने वीर्य छोड़ दिया और रूबिका अंटी की गांड में ही झड़ गया.रूबिका अंटी ने अपनी सांसों को काबू में करते हुए कहा- आलम, रूक मैं आ रही हूं.
आलम ने कहा- अम्मी क्या कर रही हो?
रूबिका ने कहा- मैं कपड़े खोलकर कुछ दवा लगा रही हूं. तू कमरे में चल, मैं तेरे कमरे में ही खाना लाती हूं.
आलम- ओके … जल्दी आओ मुझे भूख लग रही है.
आलम अपने रूम चला गया.
मैंने रूबिका की गांड में एक दो झटके और लंड को बाहर निकाल लिया.रूबिका अंटी की गांड से वीर्य निकल पड़ा.तभी रूबिका ने मेरा लंडअपने मुंह में भर लिया और गपगप गपगप करके चूसने लगीं.उन्होंने मेरा लंडचूसकर साफ़ कर दिया और गाउन पहन कर बाहर आ गईं.मैंने अपने कपड़े पहने और जब रूबिका आलम को खाना देने गईं तो चुपके से निकल कर अपने घर आ गया.
उस दिन आलम के घर रहते हुए अंटी को चोदा था … ये सोच सोच कर मुझे बड़ा मजा रहा था.ऐसे ही एक बार तो एक बिस्तर में ही आलम के सामने रूबिका को चोदा था. उस दिन आलम नशे में सोया पड़ा था.
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