कामवाली बाई को किचन में लोड़ा चुसवाया

उसने मुझसे कहा साहब रोटी बना रही हूं.. मैनें कहा पहले मेरा बेलन तेरी गांड की सिकाई करेगा.. फिर तू उसको अपने मूंह में लेगी.. फिर रोटी बना दियो-antarvasna

DESI SEX

4/13/20261 min read

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है और मै दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र लगभग 31 साल है और कद 5.9 फीट है। मै HINDISEXXXKAHANI.COM पर रोज कहानी पढ़ता हूं.. यहां की HINDI SEX STORY मेरे लोड़े को एक दम खड़ा कर देती है.. और मेरी KAMUKTA को और बढ़ा देती है..

आज अपनी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। सबसे पहले शुक्रिया HINDISEXXXKAHANI.COM को जिसने मेरी कहानी को छापने के लिए कहा.. मैंने अपनी जिन्दगी में केवल अपनी बीवी और जब मै कॉलेज में था तब अपनी बंदी को चोदा था। मैंने केवल दो ही लोगो को चोदा था। लेकिन मेरी दोनों चुदाई काफी मस्त थी।इतनी मस्त की वो आज भी मुझसे फोन सैक्स करती हैं.. जब मैंने पहली बार अपनी बंदी को चोदा था तो मुझे बहुत मज़ा आया था। लेकिन मै बहुत जल्दी ही आउट ही गया था। लेकिन जब मैंने दूसरी बार उसको चोदा तो काफी देर तक मै बिना आउट हुए ही उसको बहुत देर तक चोदता रहा। मेरी चुदाई से उसको बहुत मज़ा आया। मैंने अपनी बंदी को बहुत बार चोदा, धीरे धीरे मै चुदाई करने में एक्सपर्ट हो गया था।

जब मेरी शादी हुई तो मैंने अपनी बीवी को पहली बार जब चोदा तो बहुत मज़ा आया क्योकि उसकी सील भी नही टूटी थी। मैंने उसकी सील तोड़ कर बहुत आराम से उसकी चुदाई की। फिर धीरे धीरे मै उसकी खूब चुदाई करने लगा बिना कुछ कहे ही वो रात में बिना कपड़ो के केवल ब्रा और पैंटी में लेट जाती थी। और जब मै आता तो वो मुझसे चिपक कर मुझे चूमने लगती थी जिससे मुझे पता चल जाता था कि आज उसका चुदवाने का मन है। और मै देर रात तक उसकी चुदाई करता था।

कुछ दिनों तक मैंने उसको खूब चोदा फिर उसने मुझसे एक दिन कहा मुझे बच्चा चाहिए तो मैंने उसको चोदकर प्रेग्नेंट कर दिया। उस चुदाई के बाद जब तक मेरी बीवी को बच्चा नही हुआ मुझे चुदाई करने को नहीं मिला। धीरे धीरे समय बिता मेरे दो बच्चे हो गये और दोनों 5 साल और 3 साल के हो गए थे। धीरे धीरे मेरी बीवी को मुझसे चुदवाने में ज्यादा मजा नही आने लगा। मैंने भी उसको चोदना बंद कर दिया था। कुछ महीने पहले की बात है मेरी बीवी अपने मायके चली गई और साथ में बच्चे भी चले गए। अब मै घर में अकेला बचा था।

उसके जाने के बाद मुझे चूत की तलब लगने लगी मै चोदने के लिए परेशान था। मै रोज मुठ मार मार कम चला रहा था। कामवाली रोज आती और घर साफ करके और खाना बना कर चली जाती थी। वो देखने में बहुत ज्यादा अच्छी नही थी लेकिन उसकी चूचियां और उसकी गांड तो काफी बड़ी बड़ी थी जिनको देखने के बाद कभी कभी तो मेरा मन उसको चोदने को करने लगता था। एक बार तो सपने में मैने उसे ऐसा चोदा की क्या बताऊं.. उसकी पैंटी फाड़ दी.. ब्रा का हुक खोले बिना ब्रा को नीचे उतार दिया.. उस रात मैनें बाई को इता चोदा की उसकी चूत कुतिया की फटी हुई चूत जैसी हो गई..लेकिन सपना तो सपना होता है..

एक दिन मैं देर तक सोता रहा । और कामवाली मेरे कमरे में झाड़ू लगाने आई। जब वो झाड़ू लगा रही थी तो मेरी अचानक से आंख खुल गई। मैने देखा कि वो झुक कर झाड़ू लगा रही थी, और उसकी चूचियां उसके ब्लाउज से थोडा सा बाहर की तरफ लटक रही थीं.. उसकी बूब्सको देख कर मेरा लोड़ा तो खड़ा हो गया। मेरा मन तो कर रहा था की उसको यही पटक कर चोद दूँ लेकिन मैंने सोचा कहीं कुछ लफड़ा हो गया तो दिक्कत हो जायेगी। मै चुपचाप उसकी बूब्सको देखता रहा और अपने लोड़ा को अपने हाथो से मसलता रहा..

थोड़ी देर बाद वो वहां से चली गई, फिर मैने मुठ मार कर अपने लोड़े को शांत किया.. उस दिन तो मैंने उससे कुछ नही कहा। लेकिन जब वो दुसरे दिन आई तो मैंने उससे कहा – तुम महीने में कितना कमा लेती हो। तो उसने कहा – “साहब मै 10000 कमा लेती हूँ”। मैंने उससे कहा – “अगर तुम चाहो तो मै तुमको सिर्फ कुछ ही दिनों का 10000 दे दूंगा बस तुमको मेरी बीवी की जगह लेनी होगी”।

तो उसने मुझसे कहा – “मतलब आप कहना चाहते है की मै आप के साथ में बिस्तर पर रहूं”। मैंने कहा – “हाँ अगर तुम चाहो जब तक मेरी बीवी नही है तुम मेरे मन की आग को बुझा दो। मै तुम्हे पैसे दे दूंगा”, पहले तो उसने मुझे मना कर दिया और अपना काम करने लगी। लेकिन जब काम ख़त्म हुआ तो वो मेरे पास आई। और मुझसे कहा – “साहब मै गरीब घर की हूँ इसलिए ये बात आप किसी को मत बताना मै तैयार हूँ। आप ये कहानी HINDISEXXXKAHANI.COM पर पढ़ रहे है। बस आप मुझको मेरे पैसे दे देना मै कुछ दिनों के लिए आपकी बीवी बनने के लिए तैयार हूँ”। मैंने मैंने उससे कहा – “आज तो देर हो गई है तुम जाओ लेकिन जब कल आना तब हम दोनों मिलकर मज़े करेंगे। वो चली गई”

दुसरे दिन जब वो आई मै पहले से ही तैयार हो गया था। जैसे ही वो आई मै उसको लेकर अपने बेडरूम में चला गया। पहले तो हम दोनों बात करते रहे। फिर जब कुछ देर में हम दोनों जोश में आने लगे तो मेरा लोड़ा धीरे धीरे खड़ा होने लगा। और मै उसके हाथो को चुमते हुए उसके होठो की तरफ बढने लगा। और मै उसके गले को चुमते हुए मै उसके गाल को अपने दांतों से काटते हुए चूमने लगा। और फिर मैंने उसके होठो को चूमते हुए उसके होठो को अपने मुह में भर लिया और पीने लगा। जब मैंने उसके होठो को अपने मुह में भर लिया, तो वो भी मुझसे लिपट गई और मेरे होठो को मेरे साथ में पीने लगी।

मैंने उसकी बूब्सको अपने हाथो में पकड़ लिया और दबाने लगा और वो मेरे पीठ को सहलाते हुए मुझे किस करने लगी। थोड़ी देर बाद मैंने उसके कपडे को निकाल दिया और उसके ब्लाउस की बटन को खोल दिया, फिर उसके ब्रा के अंदर हाथ डाल कर उसकी मुलायम और काफी चिकनी बूब्सको दबाने लगा। कुछ देर बाद मैंने उसके काले रंग के ब्रा को भी निकाल दिया और उसकी बड़ी बड़ी और बहुत ही मुलायम बूब्सको दबाते हुए अपने जीभ से उसकी चूची की निप्पल को चाटने लगा।

धीरे से मैंने उसके बूब्स को अपने मुह में लेकर पीने लगा। मै उसकी बूब्सको एक हाथ से दबाते हुए पी रहा था। आप ये hindi sex story, HINDISEXXXKAHANI.COM पर पढ़ रहे है। उसकी बूब्सको पीने के बाद मैंने अपने हाथों को उसकी पेटीकोट के अंदर डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा। जिससे वो भी kamuk होने लगी। मै एक हाथ से उसकी चूची को दबा रहा था और दुसरे हाथ से उसकी चूत को सहला रहा था। फिर मैंने उसकी कमर को सहलाते हुए उसके पेटीकोट के नाड़े को खोल दिया। और धीरे से उसके पेटीकोट को नीचे खीच लिया। जिससे उसकी काली पैंटी दिखने लगी, जब मैंने पैंटी देखि तो मैंने अपने हाथो को उसकी पैंटी के ऊपर ही सहलाते हुए , बगल से अपने हाथ की उंगलियो को उसकी चूत के अंदर कर दिया जिससे वो तड़प उठी।

कुछ देर बाद मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दिया और उसकी चूत को निहारते हुए मैं अपनी उंगलियो को उसकी चूत के दाने में लगाने लगा और कुछ ही देर में मै अपने हाथ की उंगलियो को उसकी चूत के अंदर डालने लगा। मै बहुत ही kamuk हो गया था जिससे मै जल्दी जल्दी उसकी चूत में उंगली करने लगा था।और जैसे जैसे मै तेजी से उंगली कर रहा था वो अपने शरीर को ऐंठते हुए अहह अहह अहह उह्ह उह ऊ उ उ उ .. उनहू उफ़ उफ़ अह अह करके चीखने लगी थी। मै लगातार उसकी चूत में उंगली कर रहा था और अपने उंगलियो से उसके चूत को बार बार फैलाते हुए अंदर डाल रहा था।

कुछ ही देर में उसका मुह लाल हो गया और वो तडपते हुए आंहे भर रही थी। आप ये antarvasna वाली hindi sex story, HINDISEXXXKAHANI.COM पर पढ़ रहे है। कुछ ही देर बाद उसकी चूत से पानी निकलने लगा। जब पानी निकलना शुरु हुआ तो मै और भी तेजी से उसकी चूत में उंगली करने लगा। जैसे जैसे उसकी चूत से पानी निकल रहा था वो जोर जोर अहह अहह हा उफ़ उफ़ उनहू उन उनहू .. करके सिसक सिसक थी। और मै लगातार उसकी चूत में उंगली किये जा रहा था।

फिर मैंने अपने लोड़ा को निकाला और उसकी चूत को चोदने के लिये मैंने पहले तो उसकी चूत को अपने हाथो से फैलाते हुए कुछ देर तक उसकी फुद्दी के दाने को चाटा और फिर अपने बड़े से लोड़ा को उसकी चूत के दाने में रगड़ने लगा जिससे वो तड़पने लगी थी। कुछ ही देर बाद मैंने अपने लोड़ा को जोर लगा कर उसकी चूत में डाल दिया। उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट नही था लेकिन मेरे मोटे लोड़ा से वो चीख पड़ी। मैंने फिर से अपने लोड़े को जोर लगा कर उसकी चूत में डाल दिया उसने चीखते हुए बेड के चादर को कसकर पकड़ लिया और मेरे मोटे और बड़े लोड़ा से चुदाई की दर्द को सहने लगी।

मैं कुछ ही देर में उसकी चुदाई बहुत तेजी से करने लगा। बिना रुके उसकी चुदाई करने लगा। मेरा मशीन की तरह बार बार उसकी चूत के अंदर जाता और बाहर आता जिससे उसकी चूत बार बार खुलती और फिर बंद हो जाती। मेरा मोटा सा लोड़ा उसकी चूत को और भी फैला रहा था जिससे वो जोर जोर से चीखने लगी। जैसे जैसे समय बित रहा था मै चुदाई करता जा रहा था। कुछ ही देर में वो मेरी चुदाई से तडप कर .दर्द में जोर से ..अहह हहा .. मम्मी…मम्मी….सी सी सी सी.. हा हा हा …..ऊऊऊ ….ऊँ..ऊँ…ऊँ…उनहूँ उनहूँ…..ही ही ही ही ही…..अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. उ उ उ….आऊ….. आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह….सी सी सी सी.. हा हा हा……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्……उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह…..चोदोदोदो…..मुझे और कसकर चोदोदो दो दो दो.. लेकिन आराम से मेरी चूत फट रही है और मुझे दर्द भी बहुत हो रहा है।

मेरे लोड़ा को वो ठीक से सह नही पा रही थी। बहुत देर तक चोदने के बाद मैंने चोदना बंद कर दिया और फिर उसको अपने ऊपर बैठा कर और खुद मै नीचे लेट गया। मैंने अपने लोड़ा को उसकी चूत में लगा दिया और उसके कमर को पकड कर ऊपर नीचे करने लगा। जिससे वो अपने बूब्सको दबाते हुए अपने शरीर को ऐंठने लगे। कुछ देर बाद वो खुद ही ऊपर नीचे होने लगी। कभी कभी तो ज्यादा नीचे तक आ जाती जिससे मेरे लोड़ा में भी दर्द होने लगता था।

बहुत देर तक उसकी चुदाई करने के बाद मैंने उसकी गांड मारने के लिए उसको कुत्तिया बना दिया और अपने उंगलियो में थूक लगा कर उसकी गांड में डालने लगा। और वो केवल चीख रही थी। फिर मैंने अपने लोड़ा में थोडा सा तेल लगाया और उसकी गांड को फैलाते हुए जोर से अपने लोड़ा को उसकी गांड में डाल दिया और जैसे ही मेरा लोड़ा उसकी गांड में घुसा वो आगे हो गई। मैंने फिर से उसके गांड में अपने लोड़ा को डाल दिया और उसकी कमर को पकड लिया। और जोर जोर से उसकी गांड मारने लगा।

बहुत देर बाद जब मेरे लोड़ा से मेरे पानी निकलने वाले थे तो मैंने अपने लोड़ा को उसकी गांड से निकाल लिया और अपने नौकरानी के हाथो में अपने लोड़ा को दे दिया और वो जल्दी जल्दी मेरे लौड़े को पकड कर मुठ मारने लगी और मैं उसके बूब्सको फिर से पीने लगा। जैसे जैसे वो मेरे लोड़ा को जल्दी जल्दीआगे पीछे कर रही थी वैसे वैसे मै मै मचलने लगा था और कुछ देर बाद मैंने अपने लोड़ा को पकड लिया और, और भी तेजी से मुठ मारने लगा। कुछ ही देर में मेरे लोड़ा से मेरे शुक्राणु निकलने लगे। और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।

चुदाई के बाद मैंने उसको 10000 रुपये दिए और उस से कहा – “जब तक मेरी बीवी नही है तुम रोज मेरे साथ में ऐसी ही चुदवाना”। तो उसने कहा – ठीक है। इसतरह से जब तक मेरी बीवी नही थी मैंने अपने कामवाली को पैसे देकर उसकी खूब चुदाई की।