भाभी की गदरीली गांड को घोड़ी बना कर पेला
भाभी के सीने पर दो सुडौल पपीते की आकार की चूचियाँ लटक रही थीं और उनकी टांगों के बीच में हल्के बालों से भरी हुई चूत
BHABHI SEXDESI SEX
Unknown
5/6/20261 min read
मेरे घर के पास वाले घर में ही एक भाबी से मेरी नजरें टकराईं और एक दिन उसने मुझे खिड़की से मुठ मारते देख लिया. फिर धीरे धीरे मैंने उससे दोस्ती की.
एक दिन उसके बेटे के साथ छोटी सी घटना हुई. उसके बेटे को चोट लगी थी और भाबी ने मुझे उसके साथ ही रुकने के लिए कह दिया.
मेरे लिये यह एक बहुत अच्छा मौका था और मैं झट से मान गया.
अब आगे की कैसे मैनें भाबी की मदद के नाम पर उनको चोद दिया..
भाबी मुझे आने से मना करने लगी वो बोली- मैं तुम्हारा खाना यहीं बना देती हूं, आज यहीं सो जाओ. सुबह चले जाना.
मुझे तो बस रुकने का मौका चाहिए था. मैं मन ही मन काफी खुश हुआ. मुझे लगा कि चलो आज कुछ करने का मौका मिलेगा,
यही सोच सोच कर मैं खुश हो रहा था.
भाबी मुझसे काफी घुल गई थी और मुझसे आज अपने करीबी जैसा व्यवहार कर रही थी. मगर वो काफी उदास थी.
फिर मैंने भाबी से पूछा- आप इतनी उदास क्यूं हो?
तो वो रोने लगी और बोली- आज अगर तुम नहीं होते तो क्या होता आज?
मैं बोला- कोई बात नहीं भाबी, पड़ोसी के नाते मेरा भी तो फर्ज था.
फिर वो अपने पति का बुराई करने लगी- वो मुझे जरा भी इज्जत नहीं देते हैं. हमेशा मुझसे लड़ते रहते हैं और मुझे गालियां देते हैं.
शादी से पहले का सारा प्यार खत्म हो गया.
इतना बोलकर वो और जोर से रोने लगी.
मैं उन्हें चुप कराने लगा.
वो मुझसे लिपट गईं.
उसके लिपटने से उसकी चूचियां मेरे सीने में दब रही थी.
मेरा लोड़ा भी खड़ा हो गया. मैं भी भाबी को चुप कराने के बहाने से उनकी पीठ पर हाथ फेरने लगा.
शायद भाबी ने अंदर ब्रा नहीं पहन रखी थी. धीरे धीरे मेरा हाथ भाबी की कमर तक चला गया.
भाबी भी मेरे हाथ को महसूस करते हुए मज़े लेने लगी.
इससे मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैं भाबी के चूतड़ों पर हाथ रखकर उसे सहलाने लगा.
मैं उनके चूतड़ों पर अपना हाथ फेरने लगा. वो मुझसे और जोर से लिपट गई. शायद वो अपनी चूचियों को और जोर से मेरे सीने से दबाना चाहती थी.
फिर भाबी ने भी अपना हाथ मेरी कमर में डाल दिया.
मैंने भाबी की आंखों में देखा तो वो बहुत प्यासी लग रही थी.
मैं भी समझ चुका था कि भाबी को क्या चाहिए … मैंने भाबी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
वो भी मेरा साथ देने लगी.
फिर मैंने एक हाथ से उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया जिनको मैं बहुत पहले से दबाना चाहता था. जो सपना मैं देखा करता था आज वो पूरा हो रहा था.
भाबी की चूचियों को जोर जोर से दबाते हुए मैं भी काफी उतेजित हो गया. मैं उनके होंठों को लगातार चूसता रहा.
भाबी की चूचियां बहुत मुलायम और बड़ी बड़ी थीं.
मेरा लोड़ा काफी बड़ा हो गया था और फटने को तैयार था. आज पहली बार किसी औरत को छूने का मौका मिला था.
भाबी मेरे लोड़ा को उनकी चूत के पास रगड़ रही थी जो उन्हें महसूस हो रहा था.
फिर भाबी ने भी अपने हाथ नीचे ले जाकर मेरे लोड़ा को सहलाना शुरू कर दिया.
मेरे तो जैसे पूरे शरीर में बिजली का करंट जैसा दौड़ने लगा. मेरे लोड़ा से हल्का हल्का पानी भी निकलने लगा जो मुझे महसूस हो रहा था.
मगर पता नहीं क्यों फिर अचानक भाबी मुझसे अलग हो गई. मैं काफी उत्तेजित था और मैं फिर से भाबी की चूचियों को दबाने लगा.
भाबी बोली- अरे सब्र करो, तुम्हें जो करना हो आज कर लेना. अभी मुझे खाना बनाना है. पहले मैं सारे काम कर लूं.
उसके बाद तुम्हें जितनी मर्जी मज़े लेने हो ले लेना. आज से मैं तुम्हारी हूं.
उसके बाद भाबी खाना बनाने में लग गई।
मैं भी भाबी के साथ ही था. हम दोनों बातें करने लगे.
भाबी मुझे बताने लगी कि उनके पति उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते. वो कई दिनों से उनके साथ संभोग नहीं कर रहे हैं.
मतलब भाबी भी कामाग्नि में जल रही थी और इससे बेहतर मौका उन्हें भी नहीं मिल सकता था अपनी चूत की प्यास बुझाने के लिए. आज एक गोरी,,पिंक रंग की चूत मुझसे चुदने के लिए तैयार बैठी थी
भाबी बोली- मैं भी तुम्हारे लंड से कब से चुदना चाहती थी।
उसने जब से मुझे खिड़की से मुठ मारते हुए देखा था, तब से ही वो मेरा लंड लेना चाहती थी.
वो बोली- मैंने जिस दिन से तुम्हारे लंड को देखा था उसी को याद करके रोज रात में अपनी चूत में उंगली किया करती थी.
तुम्हारे लंड के बारे में ही सोचकर झड़ जाती थी.
सेक्सी भाबी की चुदास भरी बातें सुनने के बाद अब मुझसे भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था. भाबी की बातें सुनकर मेरा लंड फुंफकारने लगा था. अब वो पैंट फाड़ने को तैयार था.
भाबी खड़ी होकर खाना बना रही थी. आज पहली बार भाबी की गान्ड मैं इतनी नजदीक से देख रहा था और मुझसे रहा नहीं गया.
मैंने भाबी की नाइटी ऊपर उठा दी जिससे उनकी गान्ड नंगी हो गई.
गोरी गोरी मस्त चिकनी गान्ड देखकर मेरे तो होश ही उड़ गये. भाबी की गांड तो मैंने जितना सोचा था उससे भी ज्यादा मस्त थी.
उनकी गान्ड का साइज 38 इंच था. बिना बाल के बिल्कुल क्लीन गांड.. लोड़ा रखें तो वो भी रपट जाए.. इतनी मस्त..मतलब मेरा मन कर रहा था कि पूरी एक रात
बस उनकी गांड को चाटा जाए.. चूमा जाए. जीभ से छुआ जाए..
भाबी के मस्त गोल गोल चूतड़ों में मैं अपना लोड़ा रगड़ने लगा और उनकी चूचियों को दबाने लगा.
इसके बाद मैं अपना लोड़ा बाहर निकाल कर भाबी की गांड को देखते हुए जोर जोर से हिलाने लगा.
मेरा लंड बहुत देर से खड़ा था. मैं तेजी से मुठ मार रहा था और मेरे लंड से वीर्य निकल कर भाबी के चूतड़ों पर जा गिरा.
उसने अपने चूतड़ों को देखा और मुस्कराने लगी. फिर मैं शांत होकर खड़ा हो गया.
भाबी खाना तैयार कर चुकी थी. फिर हम दोनों ने साथ में खाना खाया.
उसके बाद सारा काम खत्म करके भाबी मेरे पास आयी. भाबी मुझे एक तौलिया देते हुए फ्रेश होने को बोली.
मगर मैंने कह दिया कि अगर मैं नहाऊंगा तो आपके साथ ही नहाऊंगा.
वो मान गयी और हम दोनों साथ में नहाने गये. मैं अंडरवियर पहने हुए था और भाबी ने नाइटी पहनी थी.
बाथरूम में जाते ही भाबी मेरे सामने अपनी नाइटी उठाकर मूतने लगी. उसकी चूत से शर्रर … की सुरीली आवाज़ निकल रही थी और मैं उन्हें मूतते हुए बड़े ध्यान से देख रहा था.
भाबी मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी.
वो पेशाब करके उठी और अपनी नाईटी उतार दी. उसने नाईटी के अन्दर कुछ नहीं पहना था।
अब भाबी मेरे सामने पूरी नंगी थी. उसका गोरा बदन भगवान ने बहुत फुरसत से बनाया था.
भाबी के सीने पर दो सुडौल पपीते की आकार की चूचियाँ लटक रही थीं और उनकी टांगों के बीच में हल्के बालों से भरी हुई चूत
उनकी जवानी को चार चाँद लगा रही थी.
उसकी पतली कमर के नीचे चौड़े चूतड़ जैसे कामदेव को भी दीवाना कर दें इतने कातिल थे.
फिर मैं तो एक इंसान था. वो एकदम जैसे संगमरमर की बनी हुई खूबसरत मूरत के जैसी थी.
मेरे लोड़ा का तो बहुत ही बुरा हाल हो गया था. मन कर रहा था कि यहीं पटक पटक कर भाबी को चोद दूं. मगर मैं रुका रहा क्योंकि मुझे भाबी के पूरे मजे लेने थे.
फिर भाबी ने मेरे अंडरवियर को उतार दिया. मेरा लंड पूरा तना हुआ और अकड़ कर खड़ा था. भाबी मेरे लोड़ा को सहलाने लगी. मेरे लंड के बाल थोड़े बड़े थे.
भाबी को बड़े बाल पसंद नहीं थे. उन्होंने मेरे झांटों को कैंची से काटकर छोटा किया. फिर मेरे लंड पर साबुन लगाकर उसको साफ करने लगी.
भाबी के नर्म हाथों में लंड गया तो बात मेरी बर्दाश्त के बाहर हो गयी.
मैं भाबी की चूत पर अपना हाथ रखकर सहलाने लगा और उसमें साबुन लगाकर साफ करने लगा.
उनकी चूत पर मेरा हाथ रखे जाते ही भाबी चिहुँक उठी. वो मस्ती में मुंह से सिसकरियां निकालकर मजे लेने लगी.
आखिर में वो झड़ गयी।
फिर हम दोनों ने एक दूसरे को नहलाया और उनके बेडरूम में चले आये.
भाबी आज मेरे लिए पूरी तैयार होने लगी. मेरे लिए भी ये ज़िन्दगी का एक खास मौका था. भाबी ने सेक्सी सी ब्रा और पैंटी निकालकर पहनी
और उसके बाद एक पारदर्शी हल्के लाल रंग की नाइटी पहनकर मेरे साथ लेट गयी.
मैं सिर्फ शॉर्ट्स में था. भाबी उन कपड़ों में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी.
मैं उनके सारे बदन का मुआयना करने लगा. भाबी की चूचियों के उभार आज जैसे दो पहाड़ों जैसे दिखाई दे रहे थे.
उनके बड़े बड़े बाहर निकले नितम्ब मुझे बहुत दीवाना बना रहे थे.
भाबी मेरी ओर शरारत भरी नज़रों से देख रही थी. आज वो मुझे अपनी कामाग्नि में जलाने को तैयार थी.
मेरे ऊपर आकर भाबी मेरे होंठों को चूसने लगी. फिर उन्होंने मेरी जीभ को अपने मुंह में ले लिया और अपने होंठों का रस मेरे मुंह में डालने लगी.
मेरा हाथ भाबी की चूचियों पर चला गया और मैं उनकी चूचियों को दबाने लगा.
अब भाबी मेरे सीने के ऊपर चूम रही थी. मेरे छोटे छोटे निप्पल्स को चाट रही थी और हल्के दांतों से काट रही थी.
भाबी ने अपने हाथ को मेरे लंड के ऊपर रख दिया और उसे सहलाने लगी. भाबी के हाथ द्वारा छूते ही लंड फिर से फुंफकारने लगा.
अब भाबी भी पूरी जोश में थी. उसने अपना हाथ मेरे शॉर्ट्स में डाल दिया.
वो मेरे लौड़े को हिलाने लगी. फिर मेरे नीचे आकर मेरे शार्ट्स को खोलकर फेंक दिया.
मेरा लौड़ा अब उसके सामने नंगा खड़ा था.
वो मेरे बड़े लंड को देखकर खुश हो गई और मुंह में लेकर चूसने लगी.
भाबी को आज एक कुंवारा लंड चूसने का मौका मिल रहा था. वो मेरे सुपारे को अपनी जीभ निकालकर चाट रही थी.
उसके मुंह में लेने से मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था. चूसने में एक्सपर्ट थी भाभी.. जैसे कोई 18 साल की लड़की छुप-छुप कर आपसे मिलने आए.. और झाड़ियों के पीछे
लोड़ा चूस ले.. बिल्कुल वैसा मजा
चूसते हुए भाबी पूरे लंड को अपने मुंह में लेने की कोशिश कर रही थी लेकिन लंड काफी बड़ा था. मेरे टट्टों को सहलाते हुए वो दबाने लगी.
फिर मेरे टट्टों को ऐसे चूसने लगी जैसे लग रहा था मानो भाबी आइसक्रीम चूस रही हो.
उसे चूसने में महारत हासिल थी.
लोड़ा को चूसते हुए वो बोल रही थी- ये आज मेरी चूत को फ़ाड़ देगा. मेरी कई महीनों की प्यास बुझाएगा.
मैं झड़ने वाला था तो मैंने भाबी को चूसने से मना कर दिया.
अब चूसने की बारी मेरी थी.
मैं भाबी को नीचे लिटाकर उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबाने लगा और उसकी गर्दन को चूमने लगा.
भाबी मदहोश होने लगी.
मैंने भाबी की नाइटी को उनके बदन से अलग कर दिया. भाबी रेड ब्रा और पैंटी में जन्नत की हूर लग रही थी. जैसे खुद परियों की रानी चलकर मुझसे चुदवाने आयी हो.
भाबी के बड़े बड़े आमों को मैं ब्रा के उपर से ही चूसने लगा. उनके निप्पल्स कड़क हो गये थे. भाबी की चूचियों को चूसते चूसते उन्हें ब्रा से आज़ाद कर दिया.
अब दोनों चूचियां मेरे सामने नंगी होकर मुझे चूसने का निमंत्रण दे रही थीं. मैं भाबी की निप्पल्स को दांतों से काटने लगा. वो सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … स्स् … आह्ह … करते हुए मस्ती में चुसवाने लगी.
मैं उनकी बड़ी बड़ी चूचियों का रस पीता रहा. आज मुझे उससे पूरा रस निचोड़ना था. भाबी भी मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबा रही थी. मैं उसके निप्पल्स के चारों ओर अपनी जीभ को घुमा घुमा कर चूस रहा था.
अब मैं भाबी की नाभि को चूसने लगा. उनकी नाभि भी बहुत सेक्सी थी. अब मेरा एक हाथ भाबी की पैंटी में था.
भाबी अब पूरी जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी.
भाबी की चूत में मैंने एक उंगली डाल दी. उनकी चूत गीली हो चुकी थी. अब बारी उनकी पैंटी उतारने की थी. जिसके लिए मैं कब से इंतजार कर रहा था वो वक़्त आने वाला था.
मैंने भाबी की पैंटी को उतार कर अपनी जीभ को उनकी चूत पर रखा तो भाबी उछल पड़ी.
भाबी बोलने लगी- मेरे पति कभी मुझे इतने मज़े नहीं देते. तुम्हीं मेरे पति बन जाओ … मैं तुमसे ही चुदना चाह रही हूं.
अब मैं भाबी की चूत को चूस रहा था. भाबी की चूत की खुशबू बहुत मस्त थी.
मैंने अपनी एक उंगली भाबी की चूत में डाली और जीभ घुमा घुमाकर उसे चूसता रहा.
भाबी अपनी चूत मेरे मुंह में रगड़ रही थी. वो चाहती थी कि मैं उनकी पूरी चूत खा जाऊं. अब मेरा लौड़ा उफान पर था. अब वो जल्दी से चूत में घुसना चाहता था और उधर भाबी की चूत में भी आग लगी थी.
मैं देर न करते हुए भाबी के ऊपर आया और अपने सुपारे को चूत पर रगड़ने लगा. भाबी अपनी गान्ड हिलाने लगी और जल्दी डालने के लिए बोलने लगी.
उसे बस अब लंड चाहिए था. भाबी बोली- राजा … अब लंड डाल दो, मेरी चूत की प्यास बुझा दो. मुझे अपनी रखैल बना लो.
मैंने अपना लोड़ा भाबी की चूत में डाल दिया.
भाबी की चूत कसी हुई थी. शायद वो कई महीनों से नहीं चुदी थी.
वो अपनी गान्ड हिला हिलाकर मेरा लोड़ा लेने लगी. मुझे और जोर से चोदने को बोलने लगी.
मैंने अपनी पूरी ताकत लगाकर उसकी चूत की चुदाई करनी शुरू कर दी.
फिर मैंने भाबी को कुतिया बना दिया और पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर खूब चोदने लगा.
वो भी मजे लेने लगी. मजे में वो बड़बड़ाने लगी- और चोदो राजा … पूरा लंड डाल दो … फाड़ दो मेरी चूत को … रण्डी बना मुझे … तेरी रखैल बनूंगी मैं … चोद चोद कर मेरी चूत को उधेड़ दे।
भाबी की चूत की गर्मी अब बहुत ज्यादा बढ़ गयी थी और अब वो किसी भी समय शायद झड़ने को हो गयी थी.
फिर कुछ देर के बाद वो चिल्लाते हुए झड़ गयी. उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और चुदाई में अब फच … फच … की आवाज आने लगी.
मैं अभी नहीं थका था. मुझे उसकी चूत से आती पच पच … फच फच … की आवाज बहुत जोश दिला रही थी. मैं लगातार भाबी को पांच मिनट तक और चोदता रहा.
फिर मेरा माल भी निकलने वाला था; मैंने पूछा- कहां निकालूं?
तो वो चूत में निकालने को ही बोली.
मैंने अपने पूरे रस को उसकी चूत में छोड़ दिया और निढाल होकर उसके साथ लेट गया।
आज वो पूरी संतुष्ट थी. उसकी आंखों में एक चमक थी जैसे वो मुझे धन्यवाद दे रही हो.
आज मेरा भी सपना पूरा हुआ था। उस दिन मैंने भाबी को तीन बार चोदा.
वो पूरी तरह मेरी बीवी बन गई थी. मेरा बहुत ख्याल रखती थी। मेरा जब मन होता था वो मुझसे चुदवा लेती थी.
अब मैं उस शहर में नहीं हूं. मगर भाबी से आज भी मेरी बात होती है.
भाबी की चुदाई करने के बाद फिर मुझे चूत चोदने की लत सी लग गयी. उसके बाद मैंने कई औरतों को चोदा. उन सब लेडीज़ की चुदाई कहानी मैं एक एक करके आप लोगों को बताऊंगा
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