राजस्थान की ठंड भरी रातों में थ्रीसम

10 मिनट की चुसाई के बाद मैंने मिशनरी में ही चुदाई के लिए पलक की टांगों को खोला और कंधों पर रख कर पलक की चूत के मुँह पर....

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6/11/20261 min read

नमस्कार दोस्तों! कहानी जारी रखते हैं.

मैं 12 मार्च शुक्रवार को शाम की स्लीपर बस पकड़ कर आबू रोड आ गया। मैं 9.30 पर आबू रोड पहुंचा फिर नजदीक के सुलभ शौचालय में फ्रेश होकर नहाकर वापस बस स्टैंड

आकर पहले परवेज को फोन किया.

परवेज- हेलो, हाँ कहाँ पहुंचे?

अनिल- मैं आबू रोड पहुंच गया हूँ, आप लोग कहाँ हो?

परवेज- यार, अभी ससुराल में हूँ दोनों बच्चे आये थे साथ में तो बेटी को ससुराल में छोड़ कर आ रहा हूँ, बस 10 मिनट में निकलने वाले हैं, और एक बात अब तुम पलक के मोबाइल पर ही फोन करना, नहीं तो गड़बड़ हो सकती है।

अनिल- ठीक है भाई, जैसे ही निकलो मुझे मिस कॉल करना।

परवेज ने जोधपुर से निकलते समय मिसकॉल दे दी।

मैंने पलक के नम्बर पर फोन किया।

पलक- हेलो, कैसे हो यार, कहाँ पहुंचे?

अनिल- डारलिंग मस्त हूँ, बस आबू रोड बस स्टैंड पर तुम लोगों का इंतज़ार कर रहा हूँ। कहाँ हो आप लोग?

पलक- हम अभी जोधपुर से निकले हैं तो एक घण्टा तो लगेगा पहुंचने में!

अनिल- ठीक है, आ जाओ, मैं इंतज़ार कर रहा हूँ।

पलक शायराना अंदाज में- थोड़े इंतज़ार का मजा लीजिये… मजा लीजिये… मजा लीजिये… बाय!

लगभग 11.30 बज गए मैंने फिर फोन किया तो वो बोले- हम आबू रोड बाई पास आ गए, वापस आ रहे हैं, तुम बस स्टैंड से माउंट आबू की तरफ वाले रोड पर आ जाओ हम लाल रंग की मर्सडीज गाड़ी से आ रहे हैं।

मैं माउंट आबू वाले रोड पर 400 मीटर चला की लाल मर्सडीज दिखाई दी तो मैंने फोन किया तो पलक बोली- बस पहुंच गए.

तो मैंने रुकने का इशारा किया।

तो गाड़ी रुक गई, मैंने देखा पलक डारलिंग लाल साड़ी में बहुत सेक्सी लग रही है, ऊपर से आँखों पर काला चश्मा पलक को और सेक्सी बना रहा था।

परवेज ने पिछला दरवाजा खोला और मैं अंदर बैठ गया.

गाड़ी माउंट आबू की तरफ चल दी.

मैंने पलक और परवेज को नमस्ते किया। दोनों ने मेरे सफर के बारे में पूछा- सफर कैसा रहा?

तो मैं बोला- सफर मस्त था और आने वाला सफर भी मस्त होगा।

हम 1 बजे तक माउंट आबू पहुंच गए और अब बढ़िया सा होटल देखने लगे जिसमें आमने सामने 2 रूम हों। हम 4-5 होटल घूमे पर किसी में रूम मिला तो रूम की कंडीशन खराब थी.

2-3 घण्टे बाद हम एक होटल में पहुंचे जिसमे हमको दो रूम मिले पर एक रूम में दो बैडरूम थे जिनके बीच में पर्दा था और दूसरे बैडरूम में एक ही डबल बेड था। तो परवेज ने दोनों रूम बुक कर लिए मेरे लिए दो बैडरूम वाला रूम दे दिया और परवेज छोटे वाले रूम में शिफ्ट हो गया।

10-15 मिनट बाद परवेज मेरे रूम में आया और बोला- यार, मैं बेटे को लेकर बाहर जा रहा हूँ एक घण्टे के लिए, तब तक तुम एक राउंड चुदाई का कर लो।

और अपना एप्पल मोबाइल देकर बोला- इसका लॉक ऐसे खुलेगा… तुम साइड में रख देना ऑन करके और फिर चुदाई शुरू करना, जो भी बातें करते हो, बाद में आकर देखना चाहूँगा कि कैसे चोदा तुमने! और जब मैं आऊंगा तो आने से पहले पलक के फोन पर कॉल करूँगा। तब समझ जाना कि मैं आने वाला हूँ।

तो मैं बोला- आप फोन रूम में छोड़ जाओ और दूसरा मोबाइल ले जाओ।

परवेज जैसे ही बाहर निकला तो मुझे इशारा कर गया. मैं धीरे से रूम में घुसा तो देखा कि पलक लाल साड़ी में ही बेड पर लेटी थी।

मुझे देख कर पलक मुस्कुराई और मुझे नमस्ते बोला और पेट के बल लेट गई.

मैं भी बेड पर जाकर पलक को बांहों में भर कर लेट गया और बोला- डारलिंग कैसी हो? देखो मैं आ गया, अब शर्माना छोड़ो और बात करो!

और मैंने पलक की गर्दन पर किस किया, उसको सीधा किया और उसके गाल और होठों को चूमने लगा। फिर उसको होठों को मुंह में लेकर चूसने लगा।

पलक- आप तो काफी जवान हो, मुझे भी बहुत तमन्ना थी तुमसे मिलने की… अभी वो बाहर गए हैं एक घण्टे के लिए और मुझे कह गए थे कि अपने दोस्त से मिल लो, हाल चाल पूछ लो और मस्ती कर लो उसके साथ… और तुम एच आई वी रिपोर्ट लाये हो?

अनिल- हाँ लाया हूँ!

और पैंट की जेब से निकाल कर दी, जिसको पलक ने साइड टेबल पर रख दी।

‘पर पहले मुझे तुमको अच्छे से देखने दो। कैसी है मेरी डारलिंग की रसीली मुनिया?’

पलक- देख लेना, पर दरवाजा की कुण्डी लगा दो।

मैंने परवेज का मोबाइल लिया और उसका कैमरा ऑन करके साइड टेबल पर रख दिया जहाँ से बेड का क्लोज व्यू आ रहा था और पलक को बाँहों में भरते हुए- डार्लिंग, दरवाजा भी बंद है और कुण्डी भी… हम दोनों के पास समय कम है इसलिए डार्लिंग मुनिया से मिलने दो पहले।

और एक हाथ से पलक के पेटीकोट को साड़ी के साथ ही ऊपर खिसका कर पलक की मुनिया पर किस किया तो बहुत ही सेक्सी सेंट की महक आई। शायद पलक ने 2-3 मिनट पहले ही अपनी पेंटी पर स्प्रे मारी थी।

मुझे उसकी चूत की गंध और स्प्रे की मिली जुली गन्ध ने मदहोश कर दिया।

मैंने अपने दोनों हाथों से पलक का ब्लाउज खोल दिया, वो वही गुलाबी ब्रा पैंटी पहन कर आई थी जिनमें उसने मुझे फोटो भेजा था।

मैं दोनों हाथों से पलक के मम्मों को दबाते हुए उसकी रसीली चूत को चाटने लगा तो पलक के हाथ मेरे सिर के बालों से खेलने लगे- आह मेरे राजा, कब से तड़प रही हूँ मैं और मेरी मुनिया, तेरी इस चटाई और चुसाई के लिए… अब ज्यादा मत तड़पाओ।

मैंने पैंटी को पलक के पैरों से उतार कर सूंघा और फिर उसको अपने पेंट की जेब में डालते हुए बोला- ये मेरे लिये गिफ्ट है।

पलक- डार्लिंग, कल जाते समय ले लेना, अभी तो मेरे पास दूसरी नहीं है… और तुम समय बर्बाद मत करो, जो चाटना चूसना है करके चुदाई करो।

मेरी पेंट उतार कर मेरे जॉकी के ऊपर से ही योगीराज को पकड़ कर बोली पलक- कितना तड़पाया है कमीने योगीराज तुमने… आज तेरी खैर नहीं।

और फिर जॉकी उतार कर 69 में होकर एक दूसरे को चाटने लगे. पलक मेरे योगीराज और गोलियों को चाट रही थी तो मैं पलक की चूत को!

10 मिनट की चुसाई के बाद मैंने मिशनरी में ही चुदाई के लिए पलक की टांगों को खोला और कंधों पर रख कर पलक की चूत के मुँह पर योगीराज का टोपा रख कर जैसे ही अंदर धक्का मारा तो लण्ड का टोपा चूत में घुस गया, पलक हल्की सी चीखी और धीरे से बोली- उम्म्ह… अहह… हय… याह… डार्लिंग जरा आराम से डालो अंदर अपना योगीराज… अभी मेरी रसीली मुनिया को बड़ा लण्ड लेने की आदत नहीं है।

फिर मैंने पलक की चूचियों को चूसा, होंठ चूसे और चूची सहलाते हुए धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा. अब धीरे धीरे पलक की सिसकारियां आनन्द वाली सिसकारियों में बदलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… आह्ह… बहुत मजा आ रहा है! और जोर से चोदो… आज मेरी मुनिया की पूरी खुजली मिटा दो, बहुत परेशान किया है इस निगोड़ी चूत ने मुझे अहह… हय… याह… आह्ह…

फिर मैंने भी जोर जोर से चुदाई शुरू कर दी और 8-10 मिनट की चुदाई के बाद पलक को बेड पर ही घोड़ी बनाकर चोदने लगा।

15 मिनट में पलक झड़ गई और मैं 20 मिनट में झड़ा।

फिर हम दोनों एक दूसरे को बांहों में लेकर बात करने लगे।

पलक- तुम तो चुदाई में जान ही निकाल देते हो, एक तो मोटा और लम्बा योगीराज है तुम्हारा, मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा कि तुम मेरे साथ हो! मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मैं ऐसे मिल भी सकूंगी तुमसे और हम ऐसे चुदाई का मजा भी लेंगे।

अनिल- विश्वास तो मुझे भी नहीं हो रहा कि जिससे बस फोन पर बात होती थी उसको मैं ऐसे चोद भी पाऊँगा। पर ये सच है मेरी जान कि हम मिले भी और चुदाई का आनन्द भी लिया।

तभी पलक के फोन की घण्टी बजी, पलक ने देखा कि परवेज का फोन है तो बोली- डारलिंग, अब वो आने वाले हैं, तुम अपने रूम में जाओ।

मैंने एक बार अच्छे से पलक को बाँहों में भरकर किस किया और पलक ने अपनी साड़ी ठीक की और मैं कपड़े पहन कर वापस आ गया और रूम में आकर बाथरूम में घुस गया, नहा कर बाहर आया तो मैंने टॉवल लपेट रखा था और मालिश कर रहा था।

4.30 बज गए थे।

परवेज मेरे रूम में आया, उसके हाथ में मोबाइल भी था जिसमें मेरी और पलक की चुदाई रिकॉर्ड थी, मुझे दिखाते हुए बोला- गुड़ यार, बहुत मस्त चुदाई की है… देखो चूत से कितना पानी निकला है! आज पलक भी खुश है और मैं भी, चलो तैयार हो जाओ शाम होने को है 5.30 बजे हम घूमने चलेंगे और बाहर ही खाना खाकर आ जायेंगे! और एक बात और मैं पलक को रात में तेरे रूम में भेजूंगा तुम अंदर वाले बेड पर उसको चोदना और मैं इस पर्दे के पीछे से तुम लोगों की लाइव चुदाई देखूँगा। और हाँ, मैं अपना लेपटोप और कुछ पोर्न मूवी की सीडी लाया हूँ, तुम पलक को दिखाओगे तो वो ज्यादा जोश में आएगी और फिर खुल कर चुदवायेगी।

मैं 5.30 बजे तैयार हो गया।

अब पलक सलवार सूट में थी, उनका बेटा भी साथ में था। हम सभी पैदल ही घूमने निकले, हम बातें करते हुए चल रहे थे.

हम एक झील के किनारे गए, थोड़ी देर वहाँ बैठे, फिर एक वीडियो गेम कैफ़े में गये जहाँ परवेज ने अपने बेटे को बाइक राइडिंग गेम खिलाया, फिर हमने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया और 8.30 बजे तक वापस आ गए।

परवेज अपना लैपटॉप और पोर्न मूवी की 3-4 सीडी लेकर मेरे रूम में आया।

मेरे रूम में पहले पोर्शन में टीवी और बेड था और दूसरे और पहले पोर्शन के बीच में दीवार नहीं थी, केवल पर्दे लगे थे, उस साइड में ही बाथरूम था और ए सी लगा हुआ था.

परवेज बोला- ये लो यार, आज रात खूब मस्ती करो यार… टीवी ऑन रखना और दरवाजा अंदर से लॉक मत करना, पलक के पीछे से ही मैं आ जाऊंगा और टीवी की वजह से दरवाजा खुलने और बन्द होने का पता नहीं चलेगा। मैं पर्दे के पीछे से तुम लोगों की चुदाई देखूँगा, मैं पांच मिनट में भेजता हूँ पलक को रूम में!

वो लैपटॉप और पोर्न मूवी की सीडी रख कर चला गया।

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